About Mother India:

मदर इंडिया हिन्दी पत्रिका अपने प्रकाशन के शानदार 21 वें वर्ष में पहुँच चुका है इसके इस सफलता के पीछे ललित सुमन का जहाँ जनूनी मार्ग दर्शन है वहीं स्वर्गीय बाबू राव पटेल का आशीर्वाद है। वर्ष 1999 दिसम्बर 10 को दिल्ली से मदर इंडिया का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ। चार दिन – तीन रात के अथक परिश्रम के उपरांत मदर इंडिया तैयार होकर छपने के लिए प्रेस जाने को तैयार तो हो गया लेकिन इस दरम्यान जो अनुभूति हुआ वह यह बता गया कि मदर इंडिया के नाम के साथ कोई शक्ति जुड़ी है जो इसे अपने तेवर में ही पाठकों के बीच देखना चाहती है ।

(Mother India Magazine, Estd. in year 1999. Its a monthly hindi magazine running since 21 years, , Its a delhi based magazine having distribution in all states of India and most popular hindi magazine in 12 hindi language states of India. Its a most faithful magazine in politics and crime which shows the real depth stories of the incident. Matter in the magazine is available for every age group. Distributed in all government offices, and all related regional areas. We publish interviews of popular persons for their devotion to the society and nation. There are several sections in Magazine like Politics, Business, Industries, Market, Sports, Stories, Films, Automobiles, Poems, Articles Editorial and much more.)

1999 का दिसम्बर हमारे जीवन का महत्त्वपूर्ण वर्ष है । एक शानदार पत्रिका का प्रकाशन , साथ कुलदीपक का आना। समस्या वहीं नयी जिम्मेदारी। इंडिया दर्पण समाचार पत्र का  नियमित प्रकाशन, मदर इंडिया पत्रिका का नियमित प्रकाशन के साथ साथ सहयोगियो का समय पर वेतन का भुगतान ।

बाजार ने फिर एक बार संत्यपथ चलने का पुरस्कार दिया । हम दंग रह गये जब दिल्ली के उघोगापतियों ने अपनी समस्या हमारे साथ सांक्षा किया कि मदर इंडिया उनकी आवाज बनें .। मदर इंडिया पत्रिका ने उनकी समस्या को स्वर देना शुरू किया । प्रत्येक दिन कम से कम 100 किलोमीटर का सफर एक औद्योगिक क्षेत्र से दुसरे औघोगिक क्षेत्र । साथ सबंधित विभाग और मंत्रालय जाकर सवाल का जबाव प्राप्त करना, संध्या दफ्तर पहुंचकर उस खबर को लिखना , बहुत कठिन काम था लेकिन इसे चुनौती के रूप में मदर इंडिया टीम ने स्वीकार किया
दिल्ली में न्यायालय के र्निदेश पर सीलिंग प्रदूषण के कारण प्रारम्भ हो गया । सत्ता पक्ष की खामोशी विपक्ष का सड़क पर आना,मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त क्षेत्रों में मचा कोहराम के बीच मदर इंडिया पत्रिका सभी के लिए खुला मंच बना ।

मंत्री, डी एस आई डी सी,डी डी ए, इंडस्ट्रीज , चैम्बर ऑफ कामर्स, दिल्ली इंडस्ड्रीज फेडरेशन , सी ई टी वी, प्रदूषण विभाग जितने भी मंच है सभी ने मदर इंडिया पत्रिका के माध्यम से अपनी सच्चाई रखा, जिन्होंने झूठ बोलने का प्रयास किया मदर इंडिया ने उनकी हकीकत सामने लाकर ररव दिया ।

मदर इंडिया के सम्पादक ललित सुमनजी की मुलाकात इसी क्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल कपुर जी से इंडस्ट्रीज एंसोसिएशन की एक बैठक में होने पर मदर इंडिया जब दिया तो वे चौकतें हुए कहा,बाबू राव पटेल की पत्रिका। यह नाम सुन हमनें एल जी से कहा, यह पत्रिका हमारी है। उन्होंने कहा यह मुम्बई से बाबू राव पटेल निकालते थे , छात्र जीवन में उन्होंने इसे बहुत पढ़ा है बड़ा क्रांतिकारी लेख छपता था। हमने एल जी को बताया दिल्ली से इसका प्रकाशन हमने शुरु किया है भारत सरकार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, रजिस्टार ऑफ न्यूज पेपर द्वारा हमें उपलब्ध कराया जा चुका है ।उपराज्यपाल बहुत प्रसन्न हुए और मदद का आश्वासन प्रदान किया ।

उसके बाद हमने मुम्बई के कई सम्पादक मित्रों से मदर इंडिया की कोई पुराना अंक खोजकर देने को कहा, सफलता नहीं मिली । एक दिन नवभारत टाइम्स में मदर इंडिया पत्रिका और बाबू राव पटेल के संर्दभ में छपा मिला ।फिर ज्ञात हुआ कि बाबू राव पटेल एक क्रांतिकारी सम्पादक ही नहीं एम. पी भी रहे है । हमें गर्व का अनुभव हुआ, हमारी दिशा सही है।

मदर इंडिया पत्रिका ने पेट्रोल पम्प घोटाला सहित एशिया की सबसे बड़ी टिम्बर व फर्नीचर मार्केट कीर्तिनगर, की गम्मीर समस्याओं का समाधान कराया बल्कि मायापुरी, ओखला,नारायणा,कीर्तिनगर,वजीरपुर ,जैसे अनेकों इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों के एसोसिएशन को सहयोग किया । राजनीतिक क्षेत्र मे भी निगम पार्षद ,मेयर से लेकर क्ई डी सी के संर्दभ में लिखने का काम किया।

मदर इंडिया के हीरों , केन्द्रीय खेल मंत्री सुनील दत्त का दिल्ली में अंतिम इंटरव्यू मदर इंडिया पत्रिका ही के नाम ह्रै । आप मदर इंडिया पत्रिका के विगत 21वर्षों के अंकों को जब पढ़ेगे तो एक बार आपकों विश्वास नहीं होगा की कोई सम्पादक इस प्रकार सत्य लिख सकता है , कोई प्रकाशक इस प्रकार सत्य प्रकाशित कर सकता ह्रै।

आज यह पत्रिका देश की आजादी , भारत माता को फिरंगियों से आजादी दिलाने के लिए फांसी को चुमने वाले क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा दिलवाने के लिए संर्धष कर रहा ह्रै। 9 अगस्त को क्रांतिकारियों के वंशजों को अगस्त क्रांति के अवसर पर जहाँ सम्मानित करता वहीं राष्ट्र प्रथम का जयघोष करता है।

हमें आपका समर्थन चाहिए , अपने लिए नहीं, राष्ट्र के भावी पीढ़ी के लिए।
राष्ट्र प्रथम,वंदे मातरम, जाग उठा है भारत।

प्रकाशक – मदर इंडिया पत्रिका ।

History:

Mother India magazine was established in year 1999 by Chief editor Lalit ‘Suman’ who is a adventuresome passonate editor.The company’s corporate office is located in west Delhi. There are 12 regional offices in various state capitals across the country that serve as distribution centres and as editorial and advertising offices. All the magazines of “Mother India” are printed in state-of-the-art printing facilities.