यशवंत सिन्हा का बिहार की राजनीति में एंट्री

बिहार में चुनावी बिसात बिछने लगा है। सभी पार्टियां अपने-अपने किले को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। मुख्य मुकाबला महागठबंधन और एनडीए के बीच माना जा रहा है। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, हम, आरएलएसपी और वीआईपी जैसी पार्टियां शामिल है तो वहीं सत्ताधारी एनडीए में भाजपा, जदयू और लोजपा है। इन सबके बीच भाजपा के पूर्व नेता और केंद्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने भी बिहार में अपने राजनीतिक दांवपेच की शुरुआत कर दी है।

आज बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के गठन की घोषणा कर दी। अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि प्रदेश की बदहाल स्थिति को देखते हुए उन्हें तीसरे मोर्चे के गठन के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने ताल ठोकते हुए कहा कि यह मोर्चा प्रदेश में एनडीए और महागठबंधन का विकल्प बनेगा।

आखरी तक यशवंत सिन्हा इस बात से कतराते रहे कि आखिर इस मोर्चे में कौन कौन शामिल हो रहा है। यशवंत सिन्हा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तीसरे मोर्चे को लेकर पहले ही से ही ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। इसका खुलासा उन्होंने आज के संवाददाता सम्मेलन में किया। यशवंत सिन्हा ने इस मोर्चे का ऐलान एक नए नारे से किया। यह नारा था- इस बार बदले बिहार। यशवंत सिन्हा ने हुंकार भरते हुए कहा कि हम बिहार का गौरव फिर से स्थापित करने के लिए आ रहे है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह मोर्चा अगले बिहार विधानसभा चुनाव में भाग लेगा। वो इस बात से कतराते रहे कि वे खुद चुनाव में उतरेंगे या नहीं। उन्होंने यह जरूर कहा कि यह भविष्य तय करेगा अभी इस पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है जैसी परिस्थितियां होगी उसी हिसाब से इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे कुछ दिनों से अपने साथी नेताओं और बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर बिहार के उत्थान के लिए नई योजनाएं बना रहे थे। अब वक्त आ गया है कि हम बिहार के गौरव को वापस लौटाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

 

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